कोरोना बीमारी से अब तक हम बहुत अच्छी तरह परिचित हो चुके हैं। अगर इस महामारी की न्यूज़ आप अच्छी तरह से फोलो कर रहें हैं तो निश्चित तौर पर आप समझ ही गये होगें कि ये बीमारी हमें एक ही बात की ओर इशारा कर रही है, वह है – हम एक दूसरे का साथ दें और मानव प्रजाति को महामारी की मार से बचायें। या फिर स्वार्थी बन कर अपना सारा पैसा और जो भी रिसोर्स हैं, उन्हे बचा कर केवल अपने ही बारे में सोचें। कुछ लोग तो ऐसे हैं जिन्होंने खुद मदद न करने की कसम खायी है‌ और ऊपर से इन्हे दूसरे के द्वारा बढ़ाये गये कदम की पहल भी रास न आये।

एक्टर अक्षय कुमार ने कोविड-19 महामारी से जंग में पीएम केयर फंड में 25 करोड़ की राशी दान की। सभी लोगों तक इस बात की जानकारी उन्होंने ट्विटर पर दी।

अब आप ही बताईए इतनी बड़ी राशी दान देने के लिए निस्वार्थ भाव के बड़ा दिल होना चाहिए। इस बात की जानकारी हम सभी तक पहुंचनी भी चाहिए जो हर उस सख्स का होंसला अफजाई करेगी कि इस जंग में हम अकेले नहीं हैं। हमारे साथ हमारे आईकन है जो हमें इस महामारी से हारने नहीं देंगे। ठीक उसी तरह जिस तरह का साथ इन आम आदमी ने आईकनों को दिया था।

दूसरा कारण- दान दी गयी राशी को आम जनता से शेयर कर काफी लोगो को भी प्रेरणा मिलती है और लोग अपनी हैसियत से दान करते हैं। जिस तरह किसान अपनी सब्जियां, अन्न आदि दान कर रहें हैं, छोटे बच्चे अपनी गुल्लक में जोड़ें रूपये, डाक्टर, पुलिस और सफाई कर्मचारी अपनी फ्रंटलाइन पर अपनी सेवा देकर।

बात बड़ी या छोटी राशी दान देने की नहीं है, बात यह है अगर किसी परेशानी को सब मिलकर सोल्व करें तो परेशानी को खत्म होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। हां! पर यह जरुर है कि हर कोई अपने सामर्थ्य और एक्सपरटीज के हिसाब से योगदान करे। दान की जानकारी लोगों को बताना भी उतना ही जरुरी भी है क्योंकि आधी जंग तो तब ही जीत ली जाती है जब योद्धाओं को ये जानकारी मिल जाती है कि कौन हमारा साथ कितने सामर्थ्य से दे रहा है।

कुछ सेलेब्रिटीज ने अक्षय कुमार जी की इस पहल की आलोचना कर अपने इरादे साफ कर दिये और इस महान कार्य में भी नेगेटिविटी ढूंढ ली। अभिनेता शत्रुघ्न सिंहा का कहना है कि दान दी गयी राशी को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए और जो करते हैं वे दिखावा कर रहें हैं। आप ही बताईए आप की क्या राय है शत्रुघन सिंहा की इस टिप्पणी पर। कंमेंट बाक्स में शेयर कीजिये।

बाद में शत्रुघन सिंहा जी ने यह कह कर अपना बचाव किया कि अक्षय कुमार जी उनके पारिवारिक हैं यह टिप्पणी उनके लिए नहीं थी। तो हम माननीय शत्रुघन सिन्हा जी से निवेदन करते हैं कि कृपया प्रकाश डालिए कि “दान की राशि सार्वजनिक नहीं की जाने वाली टिप्पणी” किसके लिए थी?

हम तो अक्की के फैन हो गए, उन्होने इन आलोचनाओं को नजर अंदाज करके महाराष्ट्र पुलिस सुरक्षा के लिए 2 करोड़ रु और दान देकर कोविड महामारी को हर हाल में हराने के दृढ़ संकल्प में एक अध्याय और जोड़ दिया। इस बात पर तो हमें बचपन में पढ़ी हुई कविता याद आ गयी –

वीर तुम बढ़े चलो,
धीर तुम बढ़े चलो।
सामने पहाड़ हो,
सिंह की दहाड़ हो।
वीर तुम डरो नहीं,
धीर तुम डटो वहीं।

आलोचनाओं के बाद भी दान देकर और जनता तक संदेश पहुंचा कर इस वीर ने जंग में डटे रहने की हिम्मत दिखाकर सभी कोविड योद्धाओं का होंसला बढ़ाया है और उन लोगो को भी उत्साहित किया है जो जंग में अपना योगदान देने पर विचार कर रहे थे।

अब जो लोग करोड़ो की सम्पत्ति होते हुए भी 1 रूपया दान करके या केवल बातें बनाकर साथ निभाने का दिखावा कर रहें हैं, आप समझ ही गये होगें हम किन लोगो की बात कर रहें हैं। भला ये क्यों  इस राशी को सार्वजनिक करेंगे और अक्की (अक्षय कुमार) की 25 करोड़ की राशी पीएम केयर्स फंड में और 2 करोड़ की राशी मुंबई पुलिस को दान करने की पहल इन आलोचकों को चुभेगी ही।

मुम्बई पुलिस का धन्यवाद ट्वीट पर भी कुछ आलोचक तीखे कंमेट कर सकते हैं कि जनता की सुरक्षा तो पुलिस का फर्ज है। तो आलोचक सुन लीजिए कि इन योद्धाओं जंग में लड़ने के लिए सुरक्षा कवच उपल्ब्ध कराना हम सभी का फर्ज है और इस धन्यवाद ट्वीट से आप समझ ही सकते हैं कि पुलिस का हौसला बढ़ा ही है।

जैसे अक्षय जी कहते हैं -“जान है तो जहान है। इस समय एक ही बात मायने रखती है, वो है लोगो की जिंदगी।” अक्षय कुमार की कोविड महामारी से जंग में सहायता और शत्रुघ्न सिन्हा की दान की गयी राशी को सार्वजनिक करने पर तीखी टिप्पणी पर आपका क्या विचार है, कंमेट बाक्स में साझा जरूर कीजिए।

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