Hanuman Jayanti 2020: हनुमान चालीसा ( Hanuman Chalisa ) पढ़ने से भक्तों के कष्ट दूर होते है और सुख और शांति का संचार होता है। वैदिक और पौराणिक काल की गतिविधियों का रुख करें तो कोरोना वायरस ( Coronavirus in India ) के संकट पर विजय प्राप्त कर सकत हैं। हनुमान जयंती ( Hanuman Jayanti Puja ) पर हनुमान चालीसा के दोहों का स्मरण कर आप इस गंभीर महामारी को दूर कर सकते है।

जीवन में उतारें हनुमान जी की सीख

संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जो महावीर श्री हनुमान जी का नाम स्मरण करता है, उसके संकटों का नाश हो जाता है और सारी पीड़ा ख़त्म हो जाती है अर्थात सभी रोगों व महामारी पक्का तक का नाश करने में हनुमान चालीसा का पाठ कारगर है॥

नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरन्तर हनुमत बीरा॥

यदि व्यक्ति बिमारियों से घिरा रहता है या कोई बहुत बड़ी बीमारी से व्यक्ति ग्रसित है तो निरंतर सुबह-शाम 108 बार जप करना तथा मंगलवार को हनुमान जी की मूर्ति के सामने पूरी हनुमान चालीसा के पाठ से रोगों की पीड़ा खत्म हो जाती है।

जीवन में उतारें हनुमान जी की सीख

तालमेल बैठाइए:

हनुमानजी ने श्री राम और सुग्रीव की मैत्री कराई थी। इससे माता सीता की खोज व श्रीराम की विजय सुनिश्चित हुई। आज ऐसा ही दौर है, इस चुनौती को तालमेल बैठाकर ही पूर कर पाएंगे।

चेतावनी समझिए:

सुग्रीव राज्याभिषेक के बाद रामजी का काम भूल गए तो जब हनुमानजी ने इस चूक को ठीक किया था। चेतावनी देकर। लॉकडाउन ( Lockdown ) में सरकार के नियमों का पालन करें। घर ही रहें और सुरक्षित रहें।

सही रास्ता चुनिए: विभीषण लंका में छटपटा रहे थे। हनुमानजी ने उनको सही रास्ता दिखाया। हम भी घरों में छटपटा रहे हैं। लेकिन, भरोखा रखें हनुमान जी की तरह सरकार भी सही रास्ता दिखाएंगी।

भरोसा:

सीताजी रावण की कैद में थी। इसी तरह आज हम घरों में कैद है। सोशल डिस्टेंसिंग को हनुमानजी की दृष्टि से देखें। उन्होंने सीता जी से कहा था— आप भरोसा रखें, श्रीराम जरूर आएंगे।

संजीवनी बूटी लाएंगे:

संजीवनी बूटी लाकर हनुमानजी ने लक्ष्मण के प्राण बचाएं थे। विश्वास रखें, कोरोना की भी संजीवनी बूटी आएंगी।

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