कोरोनावायरस का डर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। भारत में अब तक कोरोना वायरस से 6,412 लोग संक्रमित हो चुके है, जिनमें से 504 लोग ठीक हो चुके हैं, वही 199 लोग मारे गए हैं। कोरोना वायरस के कारण बढ़ती तबाही से पूरा देश बंद हो गया है। आज शुक्रवार है, लोकडाउन का 17 वां दिन।

इस तरह, हमारे हमवतन लोगों के मन में एक ही बात चल रही है कि क्या 14 अप्रैल के बाद लोकडाउन खोला जाएगा और पहले की तरह सड़कों पर घूमने के लिए कब फ्री होंंगे। इन सभी चीजों के संबंध में, एक स्टडी में बताया गया है कि जब तक कोरोना वैक्सीन नहीं मिल जाती है, संक्रमण से पीड़ित देशों को लोकडाउन नहीं हटाना चाहिए।

यह स्टडी उन देशों को चेतावनी देता है जो लोकडाउन को धीरे-धीरे उठाने पर विचार कर रहे हैं।

कोरोना वायरस फिर से लौट सकता है

इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हांगकांग में शोध से पता चलता है कि अगर चीन में प्रतिबंधों में ढील दी जाती है और लोगों की आवाजाही बढ़ती है तो कोरोना संक्रमण वापस आ सकता है। शोध से पता चला है कि अगर चीनी सरकार लोकडाउन को जल्दबाज़ी में हटा लेती है, तो उसे एक नए संक्रमण का खतरा बढ सकता है।

शोध का नेतृत्व कर रहे हांगकांग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर टी वू ने कहा कि लोगों की आवाजाही पर लगाम लगाने से संक्रमणों की संख्या को काफी कम करने में मदद मिली है, लेकिन अब स्कूल कॉलेजों और कारखानों के खुलने से लोगों को एक-दूसरे के संपर्क में आना पड़ा है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

10 प्रांतों में किए गए अध्ययन की जानकारी के अनुसार, यह अध्ययन मेडिकल जर्नल ‘द लांसेट’ में प्रकाशित हुआ था। यह चीन में 10 सबसे प्रभावित प्रांत कोरोना के मामलों की जांच करता है। शोधकर्ताओं ने संक्रमण से प्रभावित चीन के 31 प्रांतों में मामलों को भी शामिल किया है, जहां सबसे अधिक मौतें हुईं।

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