आखिर क्यों सैफ अली खान वापस करना चाहते थे 'पदम श्री' सम्मान

बॉलीवुड में अपने अभिनय से ख्याति प्राप्त करने वाले सैफ अली खान, अपने प्रशंसकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। सैफ अली खान का जन्म 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी, एक मशहूर भारतीय क्रिकेटर थे एवं उनकी माँ, शर्मिला टैगोर हिंदी फिल्मों की महान अभिनेत्री हैं। सैफ अली खान को पटौदी के नवाब भी कहा जाता है क्योंकि उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी, पटौदी राज्य के आखिरी नवाब थे। राजसी खानदान से तालुकात रखने के बावजूद सैफ बड़े विनम्र और मृदुभाषी हैं।

सैफ अली खान अगर चाहते तो अपने पुरखों द्वारा बनाए गए शाही राज्य को आगे ले जा सकते थे, परंतु उनका मन अभिनेता बनने का था। उन्होंने बॉलीवुड में अपना नाम कमाने के लिए उतना ही स्ट्रगल किया है, जितना किसी और अभिनेता ने किया है। सैफ की पहली फिल्म ‘परंपरा’ थी। उनकी दूसरी फिल्म ‘आशिक आवारा’ के लिए उन्हें फिल्म फेयर की तरफ से सर्वश्रेष्ठ नवोदित अभिनेता का पुरस्कार भी मिला था, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ सैफ अली खान की पहली हिट फिल्म थी, जिसके बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी।

सैफ ने अपने फिल्मी करियर में ज्यादातर ऐसी फिल्मों में काम किया है, जो मल्टीस्टारर रही हैं, परंतु अपने अभिनय से वह दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहते हैं।

प्रारंभिक जीवन

सैफ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिमाचल प्रदेश के स्कूल से प्राप्त की है, जिसके बाद वह 9 साल की उम्र में, पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए। इंग्लैंड में उन्होंने लॅकर्स पार्क स्कूल, हार्टफोर्डशायर और विंचेस्टर कॉलेज से पढ़ाई की है। वहां से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सैफ भारत आए और उन्होंने 2 महीने तक दिल्ली में एक एडवरटाइजिंग फॉर्म के लिए काम किया। ग्वालियर में एक कमर्शियल की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर महिंदरू की नज़र सैफ पर पड़ी। उन्होंने सैफ को एक फिल्म के लिए कास्ट किया परंतु किसी कारणवश यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद सैफ अली खान फिल्मों में करियर बनाने के लिए मुंबई आ गए।

कुछ दिलचस्प किस्से

छोटे नवाब के नाम से मशहूर सैफ अली खान, अक्सर अपनी निजी जिंदगी को गोपनीय रखना पसंद हैं और मीडिया से बहुत कम मुखातिब होते हैं। परंतु, सैफ, मीडिया के सबसे चहेते फिल्म स्टारों में से एक हैं, क्योंकि उनकी छोटी सी छोटी खबर लेने के लिए मीडिया उनके पीछे रहती हैं। यूं तो उनके जिंदगी का हर किस्सा दिलचस्प होता है, चाहे करीना कपूर के साथ शादी हो या अपने बेटे का नाम तैमूर रखना, सैफ हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं, परंतु आज हम उनके बारे में एक ऐसा दिलचस्प किस्सा बताना चाहेंगे, जो शायद ही उनके प्रशंसकों को पता हो।

क्या आप जानते हैं कि सैफ अली खान को 2010 में, पदम श्री सम्मान से सम्मानित किया गया था, परंतु वह इसे लौट आना चाहते थे!

हाल ही में, सैफ अली खान अरबाज खान के चैट शो ‘पिंच’ में नजर आए, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़े कई किस्से शेयर किए, लेकिन जिस किस्से ने दर्शकों के सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह थी उनकी पदम श्री वापस करने वाली बात। चैट शो के दौरान अरबाज खान, सैफ से थोड़ी हंसी मजाक कर रहे थे और सैफ सोशल मीडिया पर नहीं है, इसलिए अरबाज उनके बारे में सोशल मीडिया पर लिखी गई चीजें उन्हें बता रहे थे। किसी आलोचक ने ट्विटर पर सैफ को अपशब्द बोले थे और कहा कि वह चोर हैं, जिसके बाद उन्होंने चैट शो पर बोला था-

“मैं दो कौड़ी का ठग नहीं हूं और जहां तक पदम श्री अवार्ड खरीदने की बात है तो मुझे लगता है कि यह संभव नहीं है, भारत सरकार को घूस देना मेरे हाथ के बाहर है”।

सैफ का कहना था कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में उनसे बड़े बहुत सारे अभिनेता है, जो इस सम्मान के हकदार है और उन्हें यह सम्मान नहीं मिला है, इसलिए उन्होंने लौटाने वाली बात बोली थी। वे जिंदगी भर अपने दिवंगत पिता मंसूर अली खान पटौदी की बातों और विचारों पर चलते आए हैं और उन्होंने ही सैफ को सम्मान लौटाने से मना किया था।

बॉलीवुड के छोटे नवाब की जिंदगी काफी दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरी हुई है। अच्छे खानदान से तालुकात रखने के बावजूद उन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपना नाम बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। सैफ को उनके अभिनय के लिए अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिसमें से पदम श्री भी शामिल है। यह पुरस्कार उन्हें 2010 में दिया गया था।

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