रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी पर हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए दो लोगों को भोइवाड़ा कोर्ट ने जमानत दे दी।

अर्नब गोस्वामी कांग्रेस के उस मामले का सामना कर रहे हैं, जब उन्होंने रिपब्लिक न्यूज चैनल पर अपने कार्यक्रम में, पालघर की भीड़ की घटना पर कांग्रेस की “चुप्पी” पर सवाल उठाकर सोनिया गांधी पर निशाना साधा था।

इसके बाद, गोस्वामी ने एक वीडियो जारी किया था जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि पार्टी ने उन्हें और उनकी पत्नी पर हमला करने के लिए गुंडे भेजे थे, जब वे मुंबई में रिपब्लिक टीवी के कार्यालय से घर जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि यह सोनिया गांधी के बारे में उनकी टिप्पणी की प्रतिक्रिया के रूप में किया गया था। आपको बता दें कि अर्नब को मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिये १२ घंटे तक थाने में रखा।

कॉन्ग्रेस को बचाने के लिए साज़िशों पर पर्दा डाल रही है पुलिस: अर्नब गोस्वामी ने लिखा लेटर

पत्रकार अर्नब गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि मुंबई पुलिस उन पर हुए हमलों के मामले में कॉन्ग्रेस की साज़िश को कवर-अप करने में जुट गई है। उन्होंने मुंबई के एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर को पत्र लिख कर ये आरोप लगाए। मंगलवार (अप्रैल 23, 2020) को अर्नब गोस्वामी ने ख़ुद पर हुए हमले के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी।

अर्नब ने पत्र में लिखा कि एक राष्ट्रीय पार्टी की इस हमले में भागीदारी है, जिसे पुलिस नज़रअंदाज़ कर रही है। अर्नब ने कहा कि एफआईआर फॉर्म में सिर्फ़ पकड़े गए यूथ कॉन्ग्रेस के दोनों कार्यकर्ताओं का नाम है, जबकि उनके साथ इस साज़िश में शामिल अन्य लोगों के नाम नहीं हैं। अर्नब ने कहा कि शिकायत कॉपी में उन सभी के नाम, डिटेल्स और लिंक्स दिए गए थे। इस पर अर्नब के सिक्योरिटी इंचार्ज ने भी हस्ताक्षर किया था, जो शिकायतकर्ताओं में से एक है।

अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ FIR दर्ज

सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ अपशब्द कहने के मामले में टीएस सिंहदेव ने रिपब्लिक टीवी के रिपब्लिक चैनल केे संपादक अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दायर की है.

छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव का आरोप है कि अपने चैनल में एक कार्यक्रम के दौरान अर्नब गोस्वामी ने धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने के लिए जानबूझकर भड़काऊ बयान दिए और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया.

पालघर मॉब लिंचिंग के मामले पर एक लाइव टीवी कार्यक्रम में अर्णब गोस्वामी ने सोनिया गांधी का नाम लेते हुए कई सवाल पूछे थे जिसमें अर्नब ने कहा था –

“अगर किसी मौलवी या पादरी की इस तरह से हत्या हुई होती तो क्या मीडिया, सेक्युलर गैंग और राजनीतिक दल आज शांत होते? अगर पादरियों की हत्या होती तो क्या ‘इटली वाली एंटोनियो माइनो’ ‘इटली वाली सोनिया गांधी’ आज चुप रहतीं?”

इसी शो के दौरान गोस्वामी ने आगे कहा

” मैं खुलकर कह दूं आज जिस देश के 80% से ज्यादा आबादी हिंदू है ..सनातनी है क्या वहां हिंदू होना और गेरूआ पहनना अपराध हो गया है.”

आपकों बता दे कि अभी कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के पालघर से सूरत जा रहे दो साधुओं और उनके ड्राइवर की भीड़ ने पीट-पीट कर हत्या कर दी थी. भीड़ को इन पर चोर होने का शक था. अब देशभर में से धार्मिक आधारों पर देखा जा रहा है जिससे देश में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव का माहौल है|

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जिस समय देश कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है, वहां पालघर मॉब लिंचिंग जैसी घटना और इससे उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव देश को कमजोर कर रहा है| इस स्थिति में देश को एकजुट होकर हर प्रकार की समस्या का समाधान पुलिस और प्रशासन की मदद कर करना चाहिये| समाज में सोहार्द और प्रशासन के न्याय के प्रति प्रयासरत होना अतिआवश्यक है| महाराष्ट पुलिस को अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने का कार्य करना होगा ताकि इस प्रकार की घटनायें बार बार न हो|

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अर्नब गोस्वामी पर हुआ हमला हुआ, जानिये किस पर लगाया अर्नब ने आरोप

 

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