आए दिन राहुल गाँधी तो किसी ना किसी वजह से चर्चा में रहते ही हैं। पर आज इस सनसनी खबर से उनकी बहन भी खबरों में आ चुकी हैं। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं प्रियंका गाँधी वाड्रा कि जिन्होंने भाजपा के ऊपर एक बहुत बड़ा इल्जाम लगाया हैं। उनका कहना यह हैं कि मोदी सरकार लोगो को बेवकूफ बना कर उनसे पैसे लूट रही हैं।

इस लिए उन्होंने सरकार से सिफारिश लगाई हैं कि –

“पीएम केयर्स ‘ कोष का एक बार सही से सरकारी ऑडिट करवाना चाहिए जिससे कि पता चले की आम जनता के पैसे कहाँ जा रहे हैं। वह यह भी चाहती हैं की अगर इन सब के पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश रची जा रही हैं, तो उसका पर्दा फाश हो जाए।

कैसे से उठी यह बात

उन्होंने इस बात का उल्लेख इस कथन के साथ किया कि कई पूँजीपति हैं जिनकी दान देने वाली राशि का कोई हिसाब नहीं हैं। और उन्होंने ये भी प्रस्ताव सामने रखा कि पूंजीपतियों के 68000 रुपये का भी हिसाब होने चाहिए। यह बात उनके मन में तब उठी जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले भदोही में लोगो को दान करते हुए देखा। दरअसल वह लोग पीएम केयर्स कोष के लिए 100 -100 रूपए का दान दे रहे थे। और इस कार्य को करने का आदेश उस जिले के अधिकारी ने ही उन लोगो को दिया था।

लोगो को दी संतावना

कांग्रेस कि सरकार की तरफ से प्रियंका गाँधी ने ट्विटर पर शनिवार को यह ट्वीट किया कि,

‘‘एक सुझाव: जब जनता त्राहिमाम कर रही है, राशन, पानी, नकदी की किल्लत है, सरकारी महकमा सबसे 100-100 रुपये पीएम केयर्स कोष के लिए वसूल रहा है तब हर नजरिए से उचित रहेगा कि पीएम केयर्स कोष का सरकारी ऑडिट भी हो।’’

उन्होंने भागे हुए लोगो का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि

“देश से भाग चुके बैंक चोरों के 68,000 करोड़ माफ हुए उसका हिसाब होना चाहिए। संकट के समय जनता के सामने पारदर्शिता महत्वपूर्ण है। इसमें जनता और सरकार दोनों की भलाई है।’’

अब इसको सही फैसला कहे या फिर गलत, यह तो जनता के हाथ में हैं। एक तरफ से वह सही भी कह रही हैं। कौन सज्जन इंसान यह नहीं चाहेगा कि उसके पैसे का हिसाब उसको दिया जाए। ताकि उसको ये मालूम पड़े की उसके पैसे का इस्तेमाल कौन से नेक कम में किया जा रहा हैं। और कुछ लोगो की नज़रों में यह सन्देश बहुत गलत भी हो सकता हैं क्योकि इसमें उन्होंने सीधा मोदी सरकार पर ऊँगली उठाई हैं। микрозайм онлайн