डल झील की सफ़ाई में लगी है 7 साल की बच्ची की कहानी स्कूल के सिलेबस में शामिल

कश्मीर जिसे भारत का जन्नत कहा जाता है और इसे भारत के सबसे बड़े टूरिज्म शहरो में से एक माना जाता है। कश्मीर में जो व्यक्ति आते है वे डल लेक अवश्य जाते हैं। पर इतने लोगों के वहाँ जाने के कारण वहाँ गंदगी बढ़ती जा रही थी और लेक प्रदूषित भी हो रहा था।

यह समस्या सबको दिख रही थी। सब ने इस पर आपत्ति भी जतायी पर किसी ने कुछ किया नही। किसी ने सही कहा है कि कहना बहुत आसान है पर उसे कर दिखाना बहुत मुश्किल। जैसे हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और होते है वैसे ही यहाँ लोग है। सबको इससे आपत्ति है पर कोई इस समस्या का समाधान नही निकालेगा।

पर एक सात साल की बच्ची ने यह कर दिखाया। उसने इस प्रदूषित लेक को साफ़ करने की जिम्मेदारी ली थी और उसे निभाने के लिए हर सम्भव प्रयास किया। इस बच्ची का नाम जन्नत हैं। यह सुबह स्कूल जाती है और घर लौटने के बाद अपने पिता के साथ झील जाती है। वहाँ जा कर यह ख़ुद अपने हाथ से गंदगी उठाती है और उसे फेंकती है। यह पिछले दो सालों से झील साफ़ करने मे लगी है और इन्होंने एक इंटरव्यू मे कहा कि इन्होंने अपने पिता के साथ झील को साफ़ करने की शुरुआत की थी पर इनका कहना है कि झील में अब भी बहुत गंदगी है और यह बाक़ी बच्चों से अनुरोध करती है कि वे भी आए और झील को साथ मे साफ़ करें।

आप यक़ीन नही करेंगे पर इनके संघर्ष और हिम्मत की कहानी आज हैदरबाद के एक स्कूल के पुस्तक में छापा गया है और छात्रों को इनके बारे में पढ़ाया भी जा रहा है। जन्नत का कहना है कि इन्हें इनके बाबा से प्रेरणा मिली है। आपको बता दे कि 2018 मे प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर इनका वीडियो शेयर किया और इनकी ख़ूब प्रशंसा भी की।

कहीं कहा गया कि सिर्फ़ किसी एक के करने से फ़र्क़ नही पड़ता परंतु एक एक के करने से बहुत फ़र्क़ पड़ता है और इन दोंनो वाक्य मे केवल एक का ही अंतर है।

यह बच्ची उम्र मे बहुत छोटी है पर इनके काम से आज यह सबके नज़रों मे बड़ी है और सम्मान के योग्य भी है। बहुत लोग इनकी तारीफ़ करते नही थक रहें।

कोई एक अगर कुछ करने की ठान ले तो वह उस कार्य में सफल अवश्य होता है और लोगों को प्रेरित भी करता है। hairy women


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