इसके बाद न्यायालय ने पहले तो अर्णब को दो सप्ताह की राहत के संकेत दिये, लेकिन आदेश लिखवाते वक्त रोहतगी के आग्रह पर उन्होंने इसे तीन सप्ताह कर दिया।

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह की पीठ ने केंद्र, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को भी नोटिस जारी किए हैं जहां गोस्वामी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। अदालत ने नागपुर के सदर पुलिस स्टेशन में पंजीकृत एक को छोड़कर सभी के खिलाफ एफआईआर पर भी रोक लगा दी।

पीठ ने मुंबई पुलिस आयुक्त को गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी कार्यालय को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया। 21 अप्रैल को प्रसारित होने वाले अपने रिपब्लिक टीवी के हिंदी भाषा चैनल पर प्राइमटाइम शो के दौरान गोस्वामी द्वारा की गई टिप्पणी के लिए अभद्र भाषा और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मानहानि के लिए एफआईआर दर्ज की गई थी।

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अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, जानिये क्या है पूरा मामला

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