शुक्रवार को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत पालघर में बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर टिप्पणी पर रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्नब गोस्वामी के खिलाफ तीन ताजा एफआईआर दर्ज की गईं।

जालंधर और फिल्लौर में कांग्रेस नेताओं की शिकायत पर दो एफआईआर दर्ज की गईं और तीसरी लुधियाना में यह क्रिश्चियन यूनाइटेड फेडरेशन (CUF) के अध्यक्ष की शिकायत पर पंजीकृत की गयी है।

आखिर किया है मामला

CUF के अध्यक्ष, अल्बर्ट दुआ ने अपनी FIR में गोस्वामी पर “ईसाई समुदाय की भावनाओं को आहत करने” का आरोप लगाया।

दुआ ने कहा, “गोस्वामी ने ‘मोम्बत्ती गैंग’ और ‘पादरी’ (पुजारी) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिससे ईसाई समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।” आईपीसी की धारा 153-ए, 153-बी, 295-ए, 504 और 505 के तहत दुगरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।

पालघर मॉब लिंचिंग के मामले पर एक लाइव टीवी कार्यक्रम में अर्नब ने कहा था –

“अगर किसी मौलवी या पादरी की इस तरह से हत्या हुई होती तो क्या मीडिया, सेक्युलर गैंग और राजनीतिक दल आज शांत होते? अगर पादरियों की हत्या होती तो क्या ‘इटली वाली एंटोनियो माइनो’ ‘इटली वाली सोनिया गांधी’ आज चुप रहतीं?”

ईसाई समुदाय के लोग अर्नब गोस्वामी के इस टिप्पणी से खिन्न नजर आ रहे है और प्रशासन से जल्द न्याय की उम्मीद कर रहें है| आपको बता दें कि टीवी पर बहस के दौरान कई बार बिना सोचे समझे कई बात निकल जाती है जो भारत जैसे देश में कई समुदायों को आहत कर सकती है। आपको बता दें कि अर्नब गोस्वामी की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है|

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अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, जानिये क्या है पूरा मामला

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