कोरोना वायरस के चलते आसाराम भूख हड़ताल कर रिहाई की मांग रहा है?

कोरोना वायरस के कारण जोधपुर की केंद्रीय जेल में बंद आसाराम ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जेल से बाहर निकलने के लिए आसाराम भूख हड़ताल पर हैं। आसाराम के साथ इस जेल के अन्य कैदी भी भूख हड़ताल पर रहे हैं और जेल प्रशासन से उन्हें जेल से बाहर निकालने की मांग कर रहे हैं। वास्तव में, इन कैदियों को जेल में कोरोना वायरस फैलने का संदेह है, और इस डर के कारण, ये कैदी जेल से रिहा होने की मांग कर रहे हैं। आसाराम सहित जेल के सभी कैदियों ने जेल प्रशासन, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से रिहा करने को कहा है।

नही खाना खाया

जब इन कैदियों को जोधपुर की केंद्रीय जेल में सुबह खाना दिया गया, तो उन्होंने खाने से इनकार कर दिया और जेल से रिहा करने की मांग की। आपको बता दें कि इस जेल में 1375 कैदी हैं। वहीं, जेल प्रशासन ने इस भूख हड़ताल के मद्देनजर कैदियों की सूची बनाई है। इस सूची में उन कैदियों के नाम शामिल हैं जिन्हें पैरोल पर रिहा किया जा सकता है। यह सूची राज्य सरकार को भेजी जाती है और फिर राज्य सरकार यह तय करती है कि वह किन कैदियों को पैरोल पर भेज सकती है। यदि किसी कैदी की सजा माफ की जा सकती है, तो वो भी कर दी जाएगी।

जेल में इन कैदियों की यह मांग ऐसे समय में आई है। अगर इस अवस्था में कोरोनोवायरस के मामले बढ़ जाते हैं। कोरोना वायरस के कारण राजस्थान के भीलवाड़ा और झुंझुनूं में कर्फ्यू लगाया गया है। क्योंकि उस स्थान पर 13 लोग वायरस से पीड़ित पाए गए थे। जबकि कई लोगों का परीक्षण किया गया। इन स्थानों की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और डब्ल्यूएचओ की टीम मंगलवार को भीलवाड़ा में थी।

भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट के अनुसार, स्थिति की समीक्षा की जा रही है और सरकारी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। इन जगहों पर कर्फ्यू जारी रहेगा। दोनों शहरों को सुबह और शाम दो घंटे की छूट मिलेगी। ताकि इस दौरान लोग बाहर निकल सकें और समान खरीद सकें।

भारत में अब तक कोरोनोवायरस के 597 मामले सामने आए हैं। जबकि 11 लोगों की मौत हो गई है। तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मद्देनजर, कल पूरे भारत को बंद कर दिया गया था, और ये बंद 14 अप्रैल तक लागू रहेंगे। प्रतिबंध का उद्देश्य कोरोनावायरस को फैलने से रोकना है। पंजाब सरकार ने उनके राज्य में कर्फ्यू लगा दिया है। जबकि कई राज्य सरकारों ने अपने राज्य के जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है जहां कोरोना के अधिक मामले पाए गए हैं। लॉकडाउन और कर्फ्यू का मुख्य कारण कोरोना वायरस की श्रृंखला को तोड़ना और संक्रमण के प्रसार को रोकना है।

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