नई दिल्ली: आज दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी की चर्चा हो रही है और लोग इसमें काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.आज दुनिया में 6000 से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग की जा रही है ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि वह कौन से करेंसी में निवेश करें और इसमें लोग सिर्फ अनुमान लगाकर निवेश नहीं कर सकते. इसके लिए हमें हर पैमाने पर पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है. चीफ ब्लॉकचेन आर्किटेक्ट रोहास नागपाल ने क्रिप्टोकरंसी को हर पैमाने पर परखने के लिए एक सिस्टम तैयार किया है जिसके जरिए निवेशक निवेश करने से पहले क्रिप्टो से जुड़े जरूरी आंकड़ों को समझ सकते हैं और निवेश कहां और किस करेंसी पर करना है यह फैसला ले सकते हैं.

फॉर्मूला

  • R- रेवेन्यू
  • O- ऑर्गेनाइजेशन
  • H- हिस्ट्री
  • A- एल्गोरिदम
  • S- सोशल इंगेजमेंट

आइए इसे हम विस्तार से जानें कि ROHAS फार्मूला आखिर क्या है

R- रेवेन्यू(Revenue)

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि क्रिप्टो का रिवेन्यू मॉडल क्या है. क्रिप्टो एक वित्तीय संपत्ति है जिसके जरिए किसी समस्या का समाधान निकल जा सकता है या यह इकोसिस्टम के लिए फायदेमंद हो सकता है. इसके अंतर्गत नोड़,ऑपरेटर्स,पार्टनर्स और प्लेटफार्म के स्टार्टअप्स भी शामिल है.

O- ऑर्गेनाइजेशन(Organization)

अगर हम किसी भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं तो हमें इस बारे में जान लेना बेहद जरूरी है कि किस सिक्के के पीछे कौन सी ऑर्गेनाइजेशन काम कर रही है. क्रिप्टोकरंसी से जुड़े सभी काम डिजिटल तरीके होता है इसे एक ही बिंदु से कंट्रोल किया जाता है. निवेशकों को इस बात को अच्छे से समझना चाहिए. जब वह क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर रहे हैं तो उसके पीछे कोई आर्गेनाईजेशन,कोई समूह या लोग नहीं हो अगर ऐसा होता है तो आपके साथ फ्रॉड होने की संभावनाएं हैं. निवेश करते समय निवेशको को यह जानना बेहद जरूरी है कि जिस करेंसी में निवेशक निवेश कर रहे हैं, उसका फाउंडर कौन है और उसकी डेवलपिंग और मार्केटिंग कौन कर रहा है.

H- हिस्ट्री(History)

अगर आप किसी भी क्रिप्टो कॉइन में निवेश कर रहे हैं तो उसकी हिस्ट्री के बारे में निवेशकों को जरूर जानना चाहिए. अगर हम किसी करेंसी की हिस्ट्री खोजते हैं तो इससे हमें 2 फायदे होते हैं: पहला कि हिस्ट्री में इस करेंसी ने अपने कितने लक्ष्य पूरे किए हैं और कितने नहीं और ना कर पाने के क्या कारण है. दूसरा फायदा है कि कॉइन की ग्रोथ कैसी  हो रही, उसने कितनी बढ़ोतरी की, मार्केट में उसकी उपयोगिता कितनी है. निवेश करते समय यह बातें जानना बेहद जरूरी है.

A- एल्गोरिदम(Algorithm)

किसी भी नेटवर्क पर बराबर एग्रीमेंट हो जिसके कारण सिस्टम सेफ,सक्षम और वह पर्यावरण पर कम प्रभावी हो उस सिस्टम को Consensus Mechanism  कहा जाता है. अगर हम किसी सोर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह हाई क्वालिटी का होना चाहिए. इससे जुड़े फैक्टर्स पर हमें ध्यान देना बेहद जरूरी है:

  •  थर्ड पार्टी ऑडिटस
  •  पुल रिक्वेस्टस
  •  समस्याएं और उनके समाधान
  •  स्टार
  •  क्रिप्टो में कमिटमेंट और क्वालिटी
  • फोर्क्स
  •   डॉक्यूमेंट्स 

हमें डेवलपर पुल पर ध्यान देना चाहिए कि वह लंबे समय तक उपलब्ध है या नहीं.

S- सोशल इंगेजमेंट (Social Engagement)

यह फैक्टर काफी महत्वपूर्ण है सोशल इंगेजमेंट का पता हम इस बात से भी लगा सकते हैं कि वह सोशल मीडिया पर लोग किस करेंसी को पसंद कर रहे हैं जो करेंसी सोशल मीडिया पर सफल और अच्छा रिटर्न दे रही है उस करेंसी से आप फायदा ले सकते हैं.

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About the Author

Preeti

A resident of the beautiful city Delhi, Pursuing Journalism at Kalindi College. Love to read and write!

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