अगर आप किसी भी प्रकार के फ़्रॉड से बचना चाहते हैं, तो आज़माये इन तरीको को

आजकल लोगो के साथ फ्रॉड करने का काम बहुत बढ़ चुका हैं। जितना ज्यादा इंटरनेट विकास करता जा रहा है, उतना ही ज्यादा लोगों के साथ धोखाधड़ी भी बढ़ती जा रही है। इसी चीज को ध्यान मे रखते हुए कई सुविधाएं अपने ग्राहकों को बचाने के लिए विभिन्न तरीके खोज रही है। भले ही कितने भी तरीके इन सब जालसाझों से बचने के लिए क्यों ना निकल आए।

परंतु, आपको यह बात जरूर ध्यान में रखनी चाहिए कि बिना सोचे समझें किसी चीज पर क्लिक ना करें। क्लिक करने से पहले उसके बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त कर ले, उसके बाद ही आगे बढ़े। क्योंकि अगर आप ही सतर्क रहेंगे, तो किसी दूसरे इंसान की हिम्मत ही नहीं होगी की आपके साथ धोखाधड़ी कर सके।

इसी विषय को ध्यान में रखते हुए आज हम आपके समक्ष एसबीआई के कुछ नये नियम लेकर आए हैं। इनको ध्यान मे रखकर आप अपनी मेहनत से कमाए हुए पैसे किसी गलत हाथों में पड़ने से बचा सकते हैं। कोशिश करें की आप इन नियमों का ज़्यादा से ज़्यादा पालन कर सके।

एसबीआई द्वारा दिए गए नियमों की सूची

अगर आप किसी भी चीज को अपने मोबाइल में डाउनलोड करते हैं। तो इस चीज पर जरूर ध्यान दें कि क्या वह ऐप सुरक्षित है या नहीं। जब तक वह आपके मोबाइल में नहीं है, तब तक वह आपका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। लेकिन, एक बार अगर आपने किसी भी झूठे या फिर फेक ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लिया। तो उसके बाद आप भी अपने मोबाइल को खराब होने से नहीं बचा सकते। वैसे घबराइए मत बच जरूर सकते हैं, परन्तु ऐसी गलती करना हैं क्यों हैं?।

इसी से जुड़ी दूसरी बात, मान लीजिए आपको अपने अकाउंट में कुछ बदलाव करने हैं। अगर आपके पास इस विषय मे कोई ओटीपी या मैसेज आता है, जिसमे यह लिखा होता हैं कि आप अपने खाते कि जानकारी इस- इस नंबर पर हमको भेज दीजिए। तो गलती से भी उस मैसेज का जवाब ना दें। आपको बता दें कि कोई भी बैंक या अन्य शाखाएं किसी भी प्रकार का ओटीपी नहीं मांगती है। अगर गलती से आपने उनको अपनी खाते कि जानकारी दे दी है, तो तुरंत अपना खाता ब्लॉक कर दें या फिर किसी भी इंसान को उसे इस्तेमाल करने से रोक लगा दे। इस बात का भी ध्यान रखे कि जल्द से जल्द उस मैसेज के बारे में नीचे दिए गए यूआरएल पर सूचित करके उस पर रिपोर्ट दर्ज करा दे।

ज्यादातर लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए फ़्रॉड कंपनियां 50 लाख और पता नहीं कितने लाखों इत्यादि के इनामो का झांसा देकर लोगों को अपनी साइट पर पहुंचाने की कोशिश करती हैं। इसको आम भाषा में फिशिंग भी कहा जाता है। अगर आप उस साइट पर क्लिक करते हैं या कोई भी जानकारी उन तक पहुंचाते हैं। तो उससे उनके पास आपकी जरूरी जानकारी चली जाती है। उसके द्वारा वह आपका खाते मे आराम से फेरबदल कर सकते हैं।

अगर आपने बैंक से जुड़ा कोई भी ऐप डाउनलोड करते हैं (जैसे: एसबीआई योनो एेप)। फिर उसमे अापने लॉगिन कर लिया। अगर आपने एक बार लॉगिन कर लिया है, तो वह आपसे दोबारा लॉगिन करने को नहीं बोलेगा। अगर ऐसा कुछ होता है, तो आप बैंक को मेल लिखकर पूछ सकते हैं। लेकिन, अगर आपको वह कितना भी जरूरी लगे, उसके बाद भी आप से विनती है कि आप इस झांसे में ना फसे और अपनी जानकारी ना दें। क्योंकि अगर आपने एक बार अपनी जानकारी दे दी, तो भले ही वह आपका खाता हैक ना कर सके। लेकिन, आपके कंप्यूटर या मोबाइल में वायरस भेज सकता है। इससे आपकी सारी जरूरी जानकारी उनके पास आराम से जा सकती हैं।

कोशिश करें कि अपने मोबाइल के हर एक ऐप को अपडेट करते रहें। इससे आप इन सब झांसों से बच पाएंगे और साथ ही साथ आपके काम करने का अनुभव भी अच्छा होगा। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है लेकिन फिर भी अगर आप अपने अकाउंट में लॉगिन करते हैं, तो कोशिश करें कि लॉगआउट भी कर दें। जब भी आप लॉगिन करें तो आपने पिछले दिन की जानकारी एक बार जरूर देख ले।

सबसे खास और महत्वपूर्ण सूचना यह है कि किसी दूसरे के मोबाइल से अपना  अकाउंट मे लॉगिन करने से बचे। आप भले ही इस कार्य को करने के लिए बैंक चले जाए। इससे आपके बैंक के खाते की जानकारी सुरक्षित रहेंगी।

Cover Image: Medium

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