कब लगेगा सूर्य ग्रहण, क्या हैं ग्रहण से जुड़ी मान्यताएं

ये ग्रहण मृगशिरा, आर्द्रा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगने जा रहा है। ग्रहण के दौरान 6 ग्रह बृहस्पति, शनि, मंगल, शुक्र, राहु और केतु वक्री अवस्था में होंगे। ये न तो आंशिक ग्रहण होगा और न ही पूर्ण।

साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को रविवार के दिन लगने जा रहा है। ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। ग्रहण की शुरुआत सुबह 10:20 बजे के करीब हो जाएगी और इसकी समाप्ति दोपहर 01:49 बजे तक होगी। क्योंकि ये ग्रहण भारत में दिखाई देने वाला है इसलिए इसका सूतक भी मान्य होगा।

सूतक काल की शुरुआत 20 जून की रात 10.17 बजे से हो जाएगी। ज्योतिष अनुसार ये ग्रहण काफी प्रभावशाली माना जा रहा है क्योंकि इस सूर्य ग्रहण के समय ग्रह और नक्षत्रों का ऐसा संयोग बनने जा रहा है जो पिछले 500 सालों में नहीं बना।

ग्रहण के दौरान ग्रहों की स्थिति: ये ग्रहण मृगशिरा, आर्द्रा नक्षत्र और मिथुन राशि में लगने जा रहा है। ग्रहण के दौरान 6 ग्रह बृहस्पति, शनि, मंगल, शुक्र, राहु और केतु वक्री अवस्था में होंगे। राहु और केतु तो सदैव ही वक्री रहते हैं। ग्रहों की ऐसी स्थिति सूर्य ग्रहण को बहुत ही अधिक प्रभावशाली बनाएगी।

ज्योतिष अनुसार ग्रहण प्राकृतिक आपदाओं का कारक बन सकता है। जिसकी वजह से भूकंप, आंधी या तूफान जैसे योग बन रहे हैं।

कहां दिखाई देगा ग्रहण

भारत समेत नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूऐई, एथोपिया तथा कोंगों में दिखाई देगा।

भारत में देहरादून, सिरसा और टिहरी कुछ ऐसे प्रसिद्ध शहर हैं जहां वलयाकार सूर्य ग्रहण दिखेगा और देश के बाकी हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा देखने को मिलेगा।

सूर्य ग्रहण पर क्या रखें सावधानियां

  • ग्रहण के समय न तो कुछ खाना चाहिए और न ही कुछ पीना।
  • ग्रहण से पहले खाने पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर रख देने चाहिए।
  • ग्रहण काल में प्रभु का स्मरण करते हुए पूजा, जप, दान आदि धार्मिक कार्य करें।
  • ग्रहण का सूतक काल लगते ही घर में बने पूजास्थल को भी ग्रहण के दौरान ढक दें।

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