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जब 146 रन कूटने के बाद सहवाग ने मांगी टीम इंडिया की हार की दुआ!

इंडिया टीम में होने के बावजूद सहवाग ने मांगी टीम इंडिया की हार की दुआ

विरेंदर सहवाग विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक है सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 में भारत की राजधानी दिल्ली में हुआ. सहवाग को क्रिकेट बचपन से पसंद था लेकिन एक बार जब क्रिकेट के दौरान उनका दांत टूटा तो नवाब के पिता ने क्रिकेट करियर को समाप्त करने का निर्देश दे दिया लेकिन ऐसा हो न सका.सहवाग को कई नामों से जाना जाता है जैसे नजफगढ़ के नवाब,मुल्तान के सुल्तान,गेंदबाजों का दुश्मन, वीरू और भी कई नाम है जिनसे विरेंदर सहवाग जाने जाते हैं.

 सौरव गांगुली जो कि टीम इंडिया के कप्तान रह चुके हैं वह सहवाग के बारे में कहते हैं कि सहवाग जैसे खिलाड़ी मिलना मुश्किल है वह इंसान सबसे अलग है और उसकी बल्लेबाजी का तो कोई जवाब ही नहीं .सहवाग का मैदान पर जाने का एक ही रूल है “अगर मैदान पर जाओ तो अपनी बल्लेबाजी से गेंद को मैदान के बाहर भेज दो”

 विरेंदर सहवाग जब बल्लेबाजी करते थे तो सामने वाले बॉलर के छक्के छूट जाते थे. दिलचस्प बात तो यह है कि वह बल्लेबाजी करते हुए सीटी और किशोर दा के गाने गुनगुनाते थे और उन्हें एक अंधविश्वास भी था कि जब भी वह इंडिया की जीत हैं,तो इंडिया क्रिकेट टीम हार जाती है इसीलिए वे टीम इंडिया की हार की दुआ करते थे कि ताकि टीम इंडिया जीत जाए.

इंडिया vs श्रीलंका

2009 में इंडिया और श्रीलंका के बीच मैच खेले जाने थे श्रीलंका यह मैच खेलने के लिए मेहमान बन भारत में आए यहां श्रीलंका को तीन मैच के टेस्ट सीरीज, 2 मैच T20 सीरीज और पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलनी थी.

पहली टेस्ट सीरीज

सबसे पहले भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज खेली गई जिसमें श्रीलंका 2-0 से हार गई इस टेस्ट सीरीज के दौरान सहवाग लगातार तीसरा शतक लगाने में 7 रन से रह गए.

वनडे सीरीज

वनडे सीरीज में श्रीलंका ने टॉस जीता और फील्डिंग करने का फैसला लिया और बल्लेबाजी संभाली मास्टर ब्लास्टर सचिन और विरेंदर सहवाग की जोड़ी ने दोनों की जोड़ी ने डेढ़ सौ रन बनाए और दोनों ने अपना अर्धशतक भी पूरा किया इसके बाद पहला विकेट सचिन का गिरा. फिर पिच पर उतरे कप्तान धोनी दोनों की साझेदारी ने 136 रन बनाए और सहवाग ने अपना शतक बनाया और 146 रन बनाकर आउट हो गए. बाकी के रन धोनी ने बनाए और 414 रन 7 विकेट के नुकसान पर टीम इंडिया ने बनाए 414 रन एक बड़ा स्कोर था जिसे पार करना श्रीलंका के लिए मुश्किलथा ,लेकिन श्रीलंका के खिलाड़ी ना जाने क्या सोचकर पिच पर उतरे थे श्रीलंका की ओपनिंग जोड़ी थी उपुल थरंगा और दिलशान जिन्होंने दमदार बल्लेबाजी के दम पर 24 ओवर में 188 रन बना दिए.

दिलशान ने तो सिर्फ 73 गेंदों मे 100 रन पूरे कर दिए है इतनी सुपरफास्ट बल्लेबाजी थी कि दिलशान के 100 रन पूरे हो गए और थरंगा के 50 भी पूरे ना हो सके. थरंगा 67 रन बनाकर पैवेलियन लौट गए अब बल्लेबाजी के लिए आए श्रीलंका के संगकारा, इन्होंने तो अपनी दमदार बल्लेबाजी से 43 बॉल पर 90 रन बना कर दिखा दिए जिसमें 10 चौके और 5 छक्के शामिल थे आखिर हरभजन ने दिलशान और जयसूर्या को पैवेलियन लौटा दिया. इसके बाद तो जैसे पैवेलियन लौटने की लाइन सी लग गई एक के बाद एक धड़ाधड़ विकेट गिरने लगे. अब श्रीलंका की जीत में 11 रन बाकी थे बल्लेबाजी श्रीलंका के बल्लेबाज मैथ्यूज और कुलसेकरा ने संभाल रखी थी और गेंदबाजी आशीष नेहरा ने. मैथ्यूज का विकेट आशीष नेहरा ने गिरा दिया. श्रीलंका 11 रन बनाने में नाकामयाब रही भारत ने मैच जीत लिया और श्रीलंका ने भी मैच का रोमांच बढ़ा दिया था.

मैन ऑफ द मैच चुने गए विरेंदर सहवाग और बातों बातों में बोले कि मैं भारत के हारने की दुआ कर रहे थे क्योंकि उनका मानना था कि जब भी वह भारत की हार ने की दुआ करते हैं तब भारत क्रिकेट जीत जाता है.


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