पुस्तक:सौ कोस मुमल

लेखिका:डॉ मीनाक्षी स्वामी

प्रकाशन: स्टोरी मिरर इन्फोटेक

पुस्तक समीक्षा:सौ कोस मुमल

 पुस्तक सौ कोस मुमल डॉ मीनाक्षी स्वामी द्वारा लिखी गई है.यह उनकी सुप्रसिद्ध कृतियों में से एक है.यह किताब बड़े विश्वविद्यालयों में भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनी हुई है.उनकी पुस्तक सौ कोस मूमल राजस्थान की एक लोक कथा का संपूर्ण वर्णन है. जो लोग राजस्थान में रहने वाले हैं या जिनका बचपन राजस्थान की गलियों में बीता है वह इस कहानी से वाकिफ होंगे. कहानी में एक राजकुमारी होती है जिसे लोग राजकुमारी मुमल के नाम से जानते हैं और उसका एक प्रेमी होता है जिसका नाम राजकुमार महेंद्र है. इस पुस्तक में कहानी को बहुत ही सृजनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया है.

 राजकुमारी मूमल और प्रेमी महेंद्र की कहानी वहां का बच्चा-बच्चा जानता है अगर आप वहां आज भी जाएं तो वहां के लोकगीतों, कवियों और प्रेमियों के मुंह से इस कहानी का जिक्र सुन ही लेंगे वहां के हर एक प्रेमी के अंदर राजकुमार महेंद्र जीवित है. मूमल में जैसलमेर के बहुत ही करीब स्थित लोद्रवा की राजकुमारी थी और महेंद्र अमरकोट (जो फिलहाल पाकिस्तान में स्थित है) का राजकुमार था.

कहानी की नायिका यानी राजकुमारी एक बहुत ही खूबसूरत और साहसी लड़की है जिसकी वीरता की गाथाएं दूर-दूर तक मशहूर है. मांगणियार यानी लोकगायक उनकी वीरता और खूबसूरती का बखान करते हुए अमरकोट जा पहुंचे और वही राजकुमार के महल के आगे खड़े होकर उसकी सुंदरता व वीरता के गीत गाने लगे. महेंद्र मूमल की सुंदरता का बखान सुनकर उसकी और प्रभावित होने लगता है,उसका मन मूमल को देखने के लिए विचलित होता है,वह मूमल को अपना बनाने के लिए बेकरार हो जाता है. राजकुमार मूमल के बारे में और जानने के लिए मांगणियार के पास जाता है तो उससे मांगणियार से पता चलता है कि राजकुमारी को पाना नामुमकिन-सा है क्योंकि उसकी एक शर्त है कि जो भी राजकुमार सीधा राजकुमारी के महल तक पहुंचेगा वह केवल उसी से शादी करेगी.

महेंद्र अपने साथी लक्खा के साथ मिलकर राजकुमारी के महल तक जाने का रास्ता खोजता है.आपको ऐसा लगता है कि इतनी जल्दी  यह प्रेम कहानी पूरी हो जाएगी तो ऐसा बिल्कुल नहीं है क्योंकि कोई भी प्रेम कहानी बिना बाधाओं के पूरी हो ही नहीं सकती इस प्रेम कहानी के पूरे होने से पहले कई ट्विस्ट एंड टर्न आय इन बाधाओं को जानने के लिए तो आपको यह पुस्तक पढ़नी होगी.

 लेखिका ने यह कहानी लिखने में काफी मेहनत की है आपको पढ़ते वक्त इसका एहसास हो जाएगा लेकिन गाने कहानी को बड़े ही खूबसूरत ढंग से प्रस्तुत किया है. इस कहानी के बीच-बीच में राजस्थानी लोकगीत दी है लेखिका ने पुस्तक में सहज सरल भाषा का प्रयोग किया है. जब एक बार आप इस पुस्तक को पढ़ना शुरू करेंगे तो इसके साथ बंध जाएंगे.

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Preeti

A resident of the beautiful city Delhi, Pursuing Journalism at Kalindi College. Love to read and write!

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