Category: साहित्य

  • समीक्षा: मेटामॉर्फ़ोसिस: एक कीड़े की कहानी, जो इंसानी स्वभाव को बयां करती है

    समीक्षा: मेटामॉर्फ़ोसिस: एक कीड़े की कहानी, जो इंसानी स्वभाव को बयां करती है

    लेखक: फ्रेंज़ काफ़्का    अनुवाद: डॉ परितोष मालवीय    प्रकाशक: मैंड्रेक पब्लिकेशन्स  पुस्तक समीक्षा-मेटामॉर्फ़ोसिस   दुनिया में हर व्यक्ति यह सोचता है कि अगर वह है तो काम हो रहा है अगर वह नहीं होता तो मजाल है किसी की कि कोई और यह काम कर सके.वह यह तक सोचने लगता है कि वह अपने परिवार में सबसे…

  • काले अध्याय, जिसमें साथ-साथ पसर रहा है नक्सलवाद और आर्थिक साम्राज्यवाद

    काले अध्याय, जिसमें साथ-साथ पसर रहा है नक्सलवाद और आर्थिक साम्राज्यवाद

    पुस्तक: काले अध्याय लेखक: मनोज रूपडा  प्रकाशक: भारतीय ज्ञानपीठ काले अध्याय: पुस्तक समीक्षा  मनोज रूपड़ा एक बेहतरीन उपन्यासकार हैं और हमारे देश के मशहूर कथाकारों में से एक है. वह कहानी का कुछ इस प्रकार चित्रण करते हैं जैसे वे सभी सच्ची घटनाएं हैं. उनके सभी किरदार हमेशा जीवंत महसूस होते हैं. लेखक का उपन्यास…

  • पुस्तक समीक्षा: औघड़

    पुस्तक समीक्षा: औघड़

    पुस्तक: औघड़ लेखक:नीलोत्पल मृणाल प्रकाशन: हिंदयुग्म प्रकाशन पुस्तक समीक्षा: औघड़  लेखक नीलोत्पल मृणाल का पिछला उपन्यास हम पहले ही पढ़ चुके हैं जिसका नाम था “डार्क हॉर्स” जिसमें वह सिविल सर्विसेज की तैयारी में लगे युवकों की चर्चा करते हैं. वह उपन्यास पढ़कर आप और हम यह जान ही चुके हैं कि लेखक कितने उम्दा…

  • गुलिस्तां: शेख़ सादी की कहानियां जिन्हें पढ़ना यानी जीवन को सही रास्ते पर लाने की कोशिश करना

    गुलिस्तां: शेख़ सादी की कहानियां जिन्हें पढ़ना यानी जीवन को सही रास्ते पर लाने की कोशिश करना

    पुस्तक: गुलिस्तां लेखक:शेख सादी  अनुवाद :डॉ. नाजिया खान  प्रकाशक: मैंड्रेक पब्लिकेशन गुलिस्तां: पुस्तक समीक्षा  गुलिस्तां के लेखक हजरत शेख सादी सिराज(इरान)के रहने वाले थे जिसके कारण लोग उन्हें सिराजी कहकर भी बुलाते थे.उनकी पैदाइश को लेकर कई अटकलें लगाई गई हैं. उनका जन्म लगभग 13 वी से 14 वी शताब्दी के बीच हुआ होगा. लेखक…

  • एनिमल फ़ार्म: 75 साल पहले लिखी किताब अब भी क्यों प्रासंगिक लगती है?

    एनिमल फ़ार्म: 75 साल पहले लिखी किताब अब भी क्यों प्रासंगिक लगती है?

    पुस्तक :एनिमल फार्म  लेखक:जॉर्ज ऑरवेल अनुवाद:सूरज प्रकाश  प्रकाशक: मैड्रक पब्लिकेशन एनिमल फार्म :पुस्तक समीक्षा  आज के समय में राजनीति का थोड़ा बहुत ज्ञान होना बहुत जरूरी है इसके लिए हमें नेताओं के भाषण सुनना, उनकी नीतियां सुनना बेहद जरूरी है. लेकिन कभी-कभी सत्ता में बैठे लोगों से हम तंग आ जाते हैं क्योंकि लोग रोज…

  • पुस्तक समीक्षा: बा

    पुस्तक समीक्षा: बा

    पुस्तक:बा लेखक:गिरिराज किशोर प्रकाशक:राजकमल प्रकाशन पुस्तक समीक्षा:बा  उपन्यास “बा” गिरिराज किशोर द्वारा लिखा गया उपन्यास है.यह उपन्यास कस्तूरबा गांधी के जीवन पर लिखा गया है.यह उपन्यास उनकी जीवन गाथा और कुछ कही-अनकही बातों को पाठकों के सामने लाने की कोशिश करता है. लेखक पाठकों को कस्तूरबा गांधी के योगदानों से परिचित कराना चाहता है.जब आप…

  • पुस्तक समीक्षा: दिल्ली दरबार

    पुस्तक समीक्षा: दिल्ली दरबार

    पुस्तक: दिल्ली दरबार लेखक: सत्य व्यास प्रकाशन: हिंदी युग्म पुस्तक समीक्षा:दिल्ली दरबार  लेखक सत्य व्यास को नई हिंदी का लेखक कहा जाता है.इनकी पहली पुस्तक “बनारस टॉकीज”नई वाली हिंदी में लिखी गई है और पिछले सालों इसकी बिक्री काफी तेज रही है. पाठक लेखक की पुस्तक दिल्ली दरबार का इसके रिलीज होने से पहले ही…

  • पुस्तक समीक्षा: दिल्ली था जिसका नाम

    पुस्तक समीक्षा: दिल्ली था जिसका नाम

    लेखक : इन्तिज़ार हुसैन अनुवाद :शुभम मिश्रा पुस्तक समीक्षा : दिल्ली था जिसका नाम यह पुस्तक इन्तिज़ार हुसैन द्वारा लिखी गई है. लेखक ने पुस्तक उर्दू में लिखी थी.इस पुस्तक का अनुवाद नहीं किया गया बस अनुवाद करने वाले ने इसे ट्रांसलेट किया.अनुवादकर्ता का नाम शुभम मिश्रा है.यह इस कहानी की खामी भी है और…

  • पुस्तक समीक्षा: हार नहीं मानूंगा

    पुस्तक समीक्षा: हार नहीं मानूंगा

    पुस्तक :हार नहीं मानूंगा  लेखक: विजय त्रिवेदी प्रकाशन:हार्पर हिंदी पुस्तक समीक्षा: हार नहीं मानूंगा “हार नहीं मानूंगा” लेखक विजय त्रिवेदी की चर्चित किताबों में से एक है.पिछले दिनों इस किताब को लेकर लोगों के बीच काफी चर्चाएं हुई है.इस किताब पर लिखी है”एक अटल जीवन गाथा”. यह किताब हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री और बीजेपी…

  • पुस्तक समीक्षा: हलाला

    पुस्तक समीक्षा: हलाला

    पुस्तक: हलाला  लेखक: भगवानदास  मोरवाल प्रकाशक:वाणी प्रकाशन पुस्तक समीक्षा- हलाला “हलाला” लेखक भगवानदास मोरवाल द्वारा लिखा गया है.लेखक इस पुस्तक के माध्यम से मुस्लिम समाज में हो रहे स्त्री शोषण को पाठकों के सामने लाने की कोशिश करते हैं. लेखक भगवानदास ने कई उपन्यास,कहानी,संस्मरण,संपादन लिखे हैं.  इस पुस्तक में लेखक ने इस्लाम के नियमों को…