मेकअप की दुनिया मे सबसे बड़ी पहचान: शहनाज़ हुसैन

इतिहास गवाह है कि हमारी पुरानी संस्कृति सजने-सवरने पर ज्यादा ध्यान देती आई है। पीढ़ी दर पीढ़ी हमने इन्हीं सब गुणों को उभारा भी है। आज हमारे पास हर तरीके के सजने-सवरने की चीजें हैं। परंतु, क्या कभी आपने यह सोचा हैं कि लोगों के दिमाग में इन सब चीजों के विचार कहाँ से उत्पन्न होते हैं?।

तो, आज हम आपके सामने एक ऐसी महिला की कहानी लेकर आए हैं। जिसने छोटी सी हीं उम्र में, एक बहुत बड़ा सपना देख लिया था। जब बच्चा खेलने-कूदने मे ज़्यादा ध्यान देता है। तब उन्होंने इन सब से हटकर, अपनी जिंदगी की तरह एक बहुत बड़ा कदम उठाया था। उन्हें यह तो नहीं पता कि यह सही या गलत। परंतु, उसका अंजाम ऐसा निकला जो वह खुद भी नहीं सोच सकती थी।

मेकअप की दुनिया मे सबसे बड़ी पहचान

हम बात कर रहे हैं शहनाज हुसैन की। उनका जन्म 5 नवंबर, 1944 में इलाहाबाद शहर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वह बहुत ही नामी घराने से ताल्लुकात रखती हैं। उनके दादा-परदादा भी वकीली के हीं पेशे से ताल्लुकात रखते थे। उनकी मां भी एक बहुत बड़े घराने से थी। इसी वजह से शहनाज़ की शादी भी एक बहुत ही उच्च खानदान मे हुई थी।

छोटी सी उम्र मे हो गई शादी

जिनके साथ उनकी शादी हुई थी, उनका नाम नासिर हुसैन था। जब उनकी शादी हुई, तो वह सिर्फ 16 साल की एक छोटी सी बच्ची थी। उनके पिता ने उनका रिश्ता 14 साल की उम्र में ही पक्का कर दिया था। और जैसे हीं वह 16 तक पहुंची, वैसे ही उनकी शादी करा दी गई। उनके पति बहुत हीं अच्छे थे और वह उनका हर चीज मे साथ भी देते थे। शादी के कुछ सालो बाद वह अपने पति के साथ ईरान चली गई। जिस समय तक वह वहां गयी, उस समय तक उनका एक बच्चा भी हो चुका था।

बच्चे होने के बाद भी नहीं रुके कदम

हमारे समाज में हमेशा यही देख जाता हैं कि ज्यादातर महिलाएं बच्चा होने के बाद घर के कामों में लग जाती है। वह उसी मे इतना ढल जाती हैं कि अपने ऊपर ध्यान हीं देना भूल जाती हैं। परंतु, उन्होंने ऐसी गलती नहीं की। वह अपना घर भी संभालती रही और साथ ही साथ अपने सपनों की उड़ान भी भर्ती रही। किसी ने भी यह बात नहीं सोची थी कि वह घर-द्वार संभालने के साथ-साथ , चार दिवारी मे बैठे-बैठे ऐसे सपने भी देख सकती हैं।

एंट्रेप्रेन्योरशिप की डिग्री की हासिल

वह अपने पति के साथ और भी कई देशो मे गई थी। वहां से उन्होंने एंट्रेप्रेन्योरशिप की पढ़ाई पुरी की। उसको पढ़ने के बाद, उनको थोड़ा बहुत बिजनेस करने की सूझबूझ समझ मे आ गई थी। तब उन्होंने ठान लिया कि वह अपने बल-बूते पर हीं एक नया कारोबार शुरू करना चाहती है। इस चीज के लिए उनको अपने ऊपर बहुत हीं ज्यादा विश्वास था। उनको लगा कि वह अब इस काबिल हो चुकी हैं कि वह अपना खुद का कुछ शुरू कर सके।

पिता से लिए पैसे उधार

इसके लिए उन्होंने अपने पिता से 1977 मे ₹35000 उधार भी लिए। पिताजी ने उन्हें बिना किसी हिचकिचाहट के पैसे दे दिए। पैसे देने के साथ-साथ उन्होंने उनको यह भी कहा कि बेटा जब तक तुम सफल नहीं हो जाती, तब तक हम तुम्हारे साथ हैं। ऐसे मौके पर जब परिवार का सहारा मिल जाता हैं।तो इंसान को तरक्की हासिल करने से कोई भी नहीं रोक सकता। एक तरफ पिता ने पैसे देकर साथ दिया, तो दूसरी तरफ पति ने भी उनका हर तरीके से साथ दिया।

घर मे हीं खोली एक छोटी सी क्लिनिक

उन्होंने अपने घर के आंगन में एक छोटा सा बिजनेस खोला। वह एक छोटी सी क्लिनिक थी। यहाँ पर वह हर्बल सामानो का उत्पादन करती थी। शुरुआती दिनों मे ज़्यादा भीड़ नहीं होती थी। इसका यह कारण था कि उनके पास ज्यादा प्रोडक्ट नहीं थे। इसके कारण लोग अन्य दुकानों में जाना ज्यादा सही समझते थे। परंतु, धीमे-धीमे उन्होंने लोगों की जरूरतों पर ध्यान दिया और उनको समझने कि कोशिश की। उसके बाद उन्होंने उन सामानों को भी अपनी दुकान में शामिल किया। कुछ दिन बाद से हीं उनको अंतर दिखना शुरू हो चुका था। अब ज्यादा लोग उनके पास आने लग गए थे और वह मशहूर होने लग गई थी। लोगों को उनका सामान पसंद आने लग गया था।

दूसरे देशो से हासिल की विद्या

इसी के चलते उन्होंने अमेरिका, जर्मनी इत्यादि देशों से बिज़नेस और कॉस्मेटिकस के क्षेत्र मे ज्ञान हासिल किया। अंत में उन्होंने जब इन सब मे तरक्की हासिल कर ली। तब उन्होंने एक बहुत बड़े मुकाम पर बिजनेस शुरू करने की सोची। वह इस सोच मे सफल हुई और आज उनके पास 400 देशों में से 136 देशों में अपनी खुद की दुकाने हैं। आपको बतादे की उनको इस दुनिया मे कम से कम 40 साल हो चुके हैं।

बन गई हर्बल दुनिया में पहचान

बिजनेस शुरू करने के बाद मे वह कुछ महीनों मे हीं पुरी दुनिया भर में मशहूर हो गई। अब उनका नाम खुद में हीं एक ब्रांड बन चुका था। इसी के चलते उन्होंने अपनी एक खुद की साइट भी बनाई। इस साइट के द्वारा वह लोगों तक अपने प्रोडक्ट्स पहुंचाती है। इतने बड़े मुकाम को हासिल करने के लिए उनको 2006 में पद्मश्री से भी नवाजा गया था। इसके अलावा भी उनको कई सारे अवार्ड दिए जा चुके हैं।

इसके अलावा वह अपनी ज़िन्दगी मे बहुत बड़े-बड़े हस्तियों का मेकओवर भी करती हैं।उनमे से दो नाम इंदिरा गाँधी और प्रिंसेस डायना के भी हैं। आज वह कई बॉलीवुड सितारों के लिए भी काम करती हैं।

उनके बारे मे पढ़ाया जाता हैं बड़े-बड़े कॉलेज मे

ना केवल कॉस्मेटिक्स, बल्कि अपने बिजनेस के तरीके के लिए भी वह पूरे विश्व में जानी जाती है। वह इन सब में इतना मशहूर हो चुकी हैं कि उनको एमआईटी और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी इत्यादि जैसे बड़े कॉलेजों ने भी लेक्चर देने के लिए एक बार बुलाया था। उन्होंने लेक्चर मे बच्चों को यह सिखाया कि अच्छा बिजनेस करने के क्या-क्या तरीके हो सकते हैं। उनके तरीके इतने पसंद किये गए कि आज विश्व भर के कॉलेजों में बच्चों को वह एक विषय के रूप मे पढ़या जाता हैं। займ на карту срочно без отказа


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