किडनी संक्रमण के लक्षण और बचाव

मनुष्य के अंदर कई प्रकार के तंत्र होते हैं, जैसे: पाचन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, कंकाल तंत्र, प्रजनन तंत्र, और आदि। यह सभी तंत्र मिलकर मनुष्य के पूरे शरीर को बिना किसी परेशानी के चलाते हैं। एक स्वस्थ मनुष्य का जीवन, इन सभी तंत्रों के सुचारू रूप से एक साथ काम करने पर टिका रहता है। अगर एक भी तंत्र अपना काम करने में विफल होता है, तो मनुष्य बीमार पड़ सकता है या उसकी मृत्यु हो सकती है। मनुष्य के अंदर एक ऐसा ही तंत्र है, उत्सर्जन तंत्र, जिसमें किडनी बहुत अहम भूमिका निभाती है। किडनी हमारे शरीर में जमा अतिरिक्त गंदगी को मूत्र मार्ग से बाहर निकलती है और खून को स्वच्छ बनाती है। परंतु शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया के कारण किडनी में इंफेक्शन हो सकता है।

किडनी इन्फेक्शन एक प्रकार का यूनरी ट्रैकट इंफेक्शन (यूटीआई) है जो आमतौर पर आपके मूत्र मार्ग में शुरू होता है और आपके एक या दोनों किडनी को प्रभावित कर सकता है। किडनी इन्फेक्शन में तुरंत इलाज की जरूरत होती है और अगर ठीक से इलाज ना किया जाए तो यह इंफेक्शन आपकी किडनियों को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इंफेक्शन के बैक्टीरिया आपके रक्त प्रवाह मेें पहुंचक कर जानलेवा साबित हो सकते हैं।

किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ह्रदय द्वारा पम्प किए हुए रक्त का 20 प्रतिशत, किडनी द्वारा साफ़ किया जाता है। रक्त से निकले विषैले और अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के जरिए बाहर कर दिया जाता है। अस्वस्थ दैनिक दिनचर्या और खाने की आदतों की वजह से अक्सर हमारी किडनी प्रभावित होती है। ऐसे में आपको स्वस्थ आदतें अपनानी चाहिए और हेल्दी फूड्स का सेवन करना चाहिए। दुर्भाग्य से, हमें किडनी में होने वाले इन्फेक्शन की जानकारी पहले चरण में नहीं पता चलती है। कई बार तो ऐसा होता है कि जब तक हमें पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। किडनी में संक्रमण किसी भी उम्र में और किसी को भी हो सकता है, परंतु महिलाओं में इस संक्रमण की संभावना पुरुषों से 6 गुना अधिक होती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि महिलाओं का मूत्र मार्ग छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया गुर्दों तक पहुंच जाता है।

इसलिए हम आपको इसके कुछ लक्षण बताने जा रहे हैं जिससे आप इसका जल्दी पता लगा सकतें हैं:

बार-बार पेशाब आना

यदि बिना पानी पिए हुए भी आपको बार-बार पेशाब आने की समस्या हो रही है, तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। ऐसी समस्या का यदि आप लगातार सामना कर रहे हैं तो आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है क्योंकि यह किडनी संक्रमण के लक्षण हो सकता है।

पेशाब में खून आना

पेशाब में खून आने की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह आपके किडनी को डैमेज कर सकता है और भी कई अन्य स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकता है। किडनी के खराब होने के कारण, किडनी रक्त को स्वच्छ नहीं कर पाता जिसके कारण पेशाब में खून आने लगता है।

पेशाब करते समय दर्द

पेशाब करते समय दर्द होना सामान्य नहीं होता। अगर आप लगातार ऐसी किसी समस्या का सामना कर रहे हैं तो आपको सतर्क हो जाने की जरूरत है। ऐसी हालत में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

जी मचलना और चक्कर आना

किडनी के काम न करने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थों की मात्रा अधिक हो जाती है। जिसकी वजह से जी मितलाना और उल्टी जैसी परेशानियाँ उत्पन्न होने लगती हैं। इसके अलावा रक्ताल्पता की वजह से भी चक्कर आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

मासपेशियों में अकड़न

कई बार ऐसा भी हो सकता है कि किडनी में आने वाली परेशानियों की वजह से मांसपेशियों में गंभीर रूप से ऐंठन और दर्द उत्पन्न हो सकता है। यह इसलिए होता है क्योंकि अस्वच्छ रक्त हमारे मांसपेशियों में ऑक्सीजन की मात्रा कम कर देता है जिनके कारण उनमें ऐठन और दर्द उत्पन्न होता है।

उपचार

किडनी के संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने शरीर में मौजूद बैक्टीरिया को मूत्राशय और मूत्र मार्ग से निकालते रहें।  इसके लिए आपको बहुत सारा तरल पदार्थ जैसे पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए। आप पानी की जगह क्रैनबेरी जूस भी पी सकते हैं। आपको अंडे के सफेद भाग का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें प्रोटीन होता है, जो किडनी को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। लहसुन का सेवन किडनी के काम करने की क्षमता को बढ़ाता है और उसे स्वस्थ रखता है। लहसुन के एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज किडनी बीमारी से बचाते हैं।

इन सभी घरेलू उपचारों के बावजूद किडनी में इन्फेक्शन के लक्षण दिखते ही डॉक्टर से चेकअप कराएं और डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। займы на карту без отказа


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