बरसात में इंफेक्शन से बचना है तो करें मुलेठी का उपयोग

बरसात में कैसा मौसम है जो विभिन्न तरह की बीमारियों को लेकर आता है। इसीलिए बरसात के मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। क्योंकि बरसात के मौसम में तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जाती है तो कभी तापमान में तेजी दर्ज की जाती है। बीकानेर की धरती और घर की तापमान की वजह से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। और जब हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है तो हम कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं या फिर हमें कई प्रकार के इंफेक्शन हो जाते हैं।

बरसात के मौसम में हम अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को मेंटेन बनाए रखने के लिए एक्स्ट्रा एनर्जी की जरूरत पड़ती है। एक ऐसी ही आयुर्वेदिक औषधि है मुलेठी जो एक तरह से पावर बूस्टर की तरह काम करती है। अगर आप मुलैठी का उपयोग बरसात के मौसम में करते हैं तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहेगी। आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आख़िर मुलैठी के उपयोग करने के क्या फायदे हैं।

पॉवर बूस्टर है मुलैठी

अब हमने आपको यह बता दिया है कि बरसात के मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है तो ही आप इसका सेवन करें। ऐसी कोई बात नहीं है मुलैठी का सेवन आप कभी भी कर सकते हैं। जब आपको एहसास हो या आपको लगे कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है आप मुलेठी का सेवन तब भी कर सकते हैं।

मुलेठी के सेवन से हम हमेशा हेल्दी और एकदम फिट रहते हैं। और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अगर आप चाहते हैं कि आप हमेशा स्वस्थ रहें और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर ना हो तो आप निश्चित मात्रा में मुलेठी का प्रतिदिन सेवन कर सकते हैं। कुल मिलाकर कहें तो मुलैठी हमारे शरीर में पावर बूस्टर की तरह काम करते हैं जो हमें इनस्टैंट एनर्जी देने का काम करती है।

कोरोना से लड़ने में सहायक

अगर हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो उनके अनुसार महामारी पेमेंट नमक कोरोनावायरस से बचने और लड़ने में मुलैठी सहायक होती है।

एलर्जी को रोके

हमने आपको पहले भी बताया कि मुलैठी का मेरी तरफ से उचित मात्रा में सेवन करने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मुलैठी में ऐसे एंजाइम्स पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में लिंफोसाइट्स और मैक्रोफेज का उत्पादन करने में बहुत मदद करते हैं। आपको बता दें कि लिंफोसाइट्स और मैक्रोफेज का काम उन माइक्रोब्स, पाल्यूटेंट, एलर्जी, और उन हानिकारक कोशिकाओं को शरीर में बनने से रोकते हैं। क्योंकि ऐसी कोशिकाओं से हमें बीमार होने का ख़तरा रहता है।

गले के इंफेक्शन से भी बचाए

मुलैठी हमें कई प्रकार के रोगों से बचाती है फिर चाहे गले, कान, आंख और नाक में होने वाले कोई रोग ही क्यों ना हो। इन सब जगहों पर होने वाले रोगों से हमें मुलैठी बचाती है। हम किसी भी संक्रमण के शिकार तब होते हैं जब कोई भी संक्रमण सांस या फिर नाक के जरिए हमारे गले में जाता है। ऐसे में अगर हम उस संक्रमण को गले में ही ख़त्म कर दे तो हम उस संक्रमण के चपेट में नहीं आयेंगे। अगर आपको ऐसा करना है तो आपको मुलैठी का सेवन करना होगा। इसके लिए आपको मुलैठी का छोटा टुकड़ा लेना होगा और उसमे शहद लगानी होगी और फिर उसे टॉफी की तरह चूसें। ऐसा करने से वह बैक्टीरिया जो हमारे गले में ही पनप नहीं पाएगा और धीरे धीरे ख़त्म हो जायेगा। मुलैठी आपको कोरोना से भी निजाद दिला सकती है।

खासीं और मौसमी फ्लू से भी बचाए

मुलैठी हमें खासीं और मौसमी फ्लू से भी बचाने में मददगार साबित होती है। अगर आपको खासीं आ रही है तो मुलैठी का छोटा टुकड़ा ले और उसमे शहद लगाए और टॉफी की तरह चूसें। या फिर आप मुलैठी के पॉउडर में शहद मिलाकर चांटे ऐसे करने से आपको खासीं और मौसमी फ्लू दोनों से ही आराम मिलेगा।

पाचन क्रिया को ठीक रखती है मुलैठी

मुलैठी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो हमारे पाचन क्रिया के लिए लाभदायक होते हैं। जैसे ग्लाइसीरहिजिन और कार्बेनेक्सलोन, ये कंपाउड हमारे आतों में किसी भी प्रकार की गन्दगी नहीं जमा होने देते हैं। अगर हम मुलैठी का सेवन करते हैं तो फिर उसके बाद ना तो हमें हमें कब्ज होता है और ना ही पेट दर्द, पेट में भारीपन, और ना ही कच्ची ढकारें आती हैं।

गठिया से भी बचाए

ऑर्थराइट्स एक ऐसी बीमारी होती है जिससे हमारी हड्डियों के जोड़ बहुत दर्द करते हैं और ये जोड़ सूज जाते हैं। ऑर्थराइट्स को हम गठिया कहते हैं। यह बीमारी ज्यादातर बढ़ती उम्र के लोगों को ही होती है। लेकिन मुलैठी हमें इससे निजाद दिला सकती है। मुलैठी में गठिया के दर्द और सूजन को कम करने के गुण होते हैं।

हार्ट के बीमारी से भी बचाए

अगर हम आयुर्वेद के जानकारों की माने तो अगर हम सही तरीके से मुलैठी और शहद का सेवन करते हैं तो हमें हृदय रोगों का ख़तरा कम होता है। बशर्ते हमें उसके खाने के तरीके और मात्रा के बारे में सही ज्ञान हो। इसके लिए आपको एक अच्छे वैद्य या फिर कह ले आयुर्विज्ञान के जानकार की ज़रूरत पड़ेगी, जो आपको यह सब बता सके।

अस्थमा से भी बचाए

अगर आप मुलैठी का नियमित और उचित मात्रा में सेवन करते हैं तो यह आपको अस्थमा जैसे रोगों से बचाए रखता है। मुलैठी में कफोत्सारक जैसे गुण होते हैं जो फेफड़ों के वायु मार्ग में कफ के उत्सर्जन को संतुलित किए रहता है और वायुमार्ग में कुछ गंदगी जम नहीं पाती। अगर आप अस्थमा से पीड़ित हैं तो भी आप किसी वैद्य के अनुसार बताई गई मात्रा और नियम के अनुसार मुलैठी का सेवन कर सकते हैं जिससे आपको अस्थमा को कम करने में बहुत मदद मिल सकती है।

दोस्तों अगर आपको इस लेख से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हों तो जरूर शेयर करें। धन्यवाद! срочный займ на карту онлайн


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