Author: Vibhav

  • आखिर चीन से हुई हालिया मुठभेड़ की शुरूआत कहाँ से हुई

    आखिर चीन से हुई हालिया मुठभेड़ की शुरूआत कहाँ से हुई

    आज भारत व चीन के रिश्ते पिछले कई दशकों में सबसे निचले स्तर पर है। हालाँकि पिछले काफी दशकों से इस सीमा पर समझौतों के तहत कभी गोलियां नहीं चली, पर फिर भी कभी अगर विवादित क्षेत्र पर गश्त टुकड़िया आमने सामने आती है तब कई मौको पर झड़प हुई है।  15 जून को, गालवान…

  • उत्तराधिकारी के चयन की परीक्षा

    उत्तराधिकारी के चयन की परीक्षा

    लक्ष्य पद अडिग रहना, निरंतर उसे प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहना आपकी सफलता के गंतव्य को नज़दीक ले आता है। सफलता उसी के कदमो पर आ कर रूकती है जो अपने लक्ष्य को निर्धारित करके, उस मार्ग में आने वाली कठिनाईओ का डटकर मुकाबला, बिना रुके व थके करता है। चलिए एक छोटी सी…

  • दो सिर वाले भारूंड की कहानी

    दो सिर वाले भारूंड की कहानी

    आपस में द्वेष, इर्षा, फूट, घृणा, हीन भावना किसी भी जीव के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। यह भाव किसी भी प्रकार के सही परिणाम नहीं देते, इनके कारण सदैव ही हानि होती है। इन नकारत्मक भावों से जितना बचा जाये उतना ही बेहतर होता है। इस ही बात को समझने के लिए एक…

  • शिकार से परिवार का पालता था शिकारी, लेकिन हिरण के बातों ने बदल दिया उसका मन और फिर हुआ ऐसा।

    शिकार से परिवार का पालता था शिकारी, लेकिन हिरण के बातों ने बदल दिया उसका मन और फिर हुआ ऐसा।

    शिवपुराण पढ़ते वक़्त शिवरात्रि से जुड़ी एक काफी रोचक कथा मिलती है जो कि एक शिकारी से सम्बंधित है। चलिए इस प्रचलित कथा पर नज़र डालते है। पुराने समय में एक जंगल में गुरुद्रुह नामक एक शिकारी रहता था। वह जंगली जानवरो का शिकार करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था । एक दिन…

  • राजा ने मंत्री को आदेश दिया कि राज्य के बूढ़े लोगों को खत्म कर दो….

    राजा ने मंत्री को आदेश दिया कि राज्य के बूढ़े लोगों को खत्म कर दो….

    कहावत है कि सोना जितना पुराना होता है, उतना ज्यादा चमकता है। लेकिन क्या यह कहावत सिर्फ एक धातु के लिए ही है? ऐसा नहीं है, इंसानों पर भी यह बात उसी तरह लागू होती है। समय के साथ साथ इंसान की हड्डियां तो कमजोर हो जाती हैं लेकिन उसका अनुभव दिन प्रतिदिन मजबूत होता…

  • लॉकडाउन था, सो अपने पिता को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से दरभंगा ले गई बेटी…

    लॉकडाउन था, सो अपने पिता को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से दरभंगा ले गई बेटी…

    कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लोगो का एक जगह से दूसरी जगह आना जाना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा प्रभाव उन लोगो पर पड़ा है जिनके पास संसाधनों की कमी है। लोग अपनी कर्मभूमि छोड़ने पर मजबूर है, एवं घर की ओर प्रस्थान कर रहे है। इस बीच हमारे समक्ष एक ऐसा उदाहरण…

  • ग्वाले ने राजा से कहा कि मैं भी सम्राट हूं, लेकिन….

    ग्वाले ने राजा से कहा कि मैं भी सम्राट हूं, लेकिन….

    तनाव, मन को इस तरह से जकड़ लेता है कि इंसान जीवन की कठिनाइयों से निकलने के उपाय तक सोच नहीं पाता। तनाव से बचने के लिए मन को शांत रखने की आवश्यकता होती है, ताकि मनुष्य उस तनाव का कारण जान उसे अपने जीवन से हटा सके, और शांति पाने का सबसे उपयुक्त तरीका…

  • जब भक्ति में पवन पुत्र ने शरीर पर सिन्दूर मल लिया

    जब भक्ति में पवन पुत्र ने शरीर पर सिन्दूर मल लिया

    सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये। भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम।। भक्त शिरोमणि महाबली हनुमान पर सिन्दूर चढ़ाते वक़्त, उनका सिन्दूर से श्रृंगार करते समय इस मन्त्र का उच्चारण किया जाता है। उनके इस श्रृंगार के पीछे कि कथा भी काफी रोचक है। चलिए इसे जानते है एक बार जब माता सीता अपने कक्ष में श्रृंगार…

  • संत को मार्ग से एक स्वर्ण मुद्रा मिली….

    संत को मार्ग से एक स्वर्ण मुद्रा मिली….

    लालच के दुष्परिणाम हम सभी जानते है, लेकिन फिर भी कभी न कभी इस कुचक्र में फंस ही जाते है। लालची इंसान के भीतर अविश्वास होता है। दुसरो से अधिक से अधिक से अधिक प्राप्त करने की चाह ही इसे जन्म देती है, वह किसी नीति व नियमो को नहीं मानता। दरअसल लालच का जन्म…

  • फल की चिंता करे बिना नित्य ही अपने काम में मगन रहें

    फल की चिंता करे बिना नित्य ही अपने काम में मगन रहें

    काम करते वक़्त अगर आप चिंताओं से ग्रस्त है, हर वक़्त सोचते रहते है की आगे कुछ बुरा न हो जाये, तो आप सदैव ही परेशान रहेंगे। अगर काम आपको बोझ प्रतीत होता है, तो उसे इंसान पूर्ण निष्ठा से नहीं कर सकता। चिंताओं से मुक्त होकर, प्रसन्नचित्त होकर, बोझ नहीं कर्त्तव्य समझकर कार्य करने…